मां और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत, ड्यूटी में नहीं पहुंचे सर्जन, प्रसव के लिए 3 अस्पतालों का चक्कर, कही इलाज नहीं, रेफर करते-करते गई जान

Mother and unborn child died, surgeon did not report for duty, 3 hospitals were visited for delivery, no treatment anywhere, life was lost while being referred

बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. जहाँ समय पर इलाज न मिल पाने की वजह से एक गर्भवती महिला की मौत हो गई. साथ ही उसके कोख में पल रहे बच्चे की भी इस दुनिया में आने से पहले ही जान चली गयी. परिजनों ने सही समय पर इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाया है/
मिली जानकारी के मुताबिक जिले के नगर पंचायत लवन में रहने वाली संतोषी साहू उम्र 34 साल की डिलवरी का समय आ गया था. रविवार 10 अगस्त की रात परिजन सबसे पहले उसे पलारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए. वहां उन्हें 5 घंटे तक बिना उचित इलाज के रखा गया. डॉक्टर उपलब्ध न होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया. परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल में भी 3 घंटे तक कोई सर्जन नहीं आया. वहां सिर्फ दो इंजेक्शन लगाए गए. जब संतोषी की हालत बिगड़ी. तो सर्जन ने ऑपरेशन करने से मना कर दिया.
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें चंदा देवी प्राइवेट अस्पताल भेज दिया गया. चंदा देवी अस्पताल ने महज आधे घंटे में 3000 रुपए का बिल बनाकर उन्हें रायपुर के लिए रेफर कर दिया. रास्ते में उन्हें पलारी अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पलारी अस्पताल के डॉक्टर विजीत पाठक ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही संतोषी की मौत हो चुकी थी. इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है. परिजनो का कहना है समय पर अगर इलाज मिला जाता तो दोनों की जान बच जाती है. जिला अस्पताल जैसे बड़े संस्थान में ऐसी गंभीर लापरवाही चौंकाने वाली है. उन्होंने आरोप लगाया कि इंजेक्शन लगाने के बाद ही प्रसूता की हालत अचानक बिगड़ी और सही समय पर उचित इलाज नहीं मिला. अब वे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं.

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