Fatty liver वाले इस रामबाण नुस्खे को अपना लें, एक महीने में मिलेगा 99 प्रतिशत आराम!

Fatty lever home remedy : गर्मी के मौसम में सड़क किनारे आपको गन्ने का जूस लगा ठेला मिल जाएगा. जहां पर आने जाने वाले लोग एक बार रुककर जूस जरूर पीते हैं. क्योंकि ये शरीर को ठंडक पहुंचाता है और पेट को मजबूत रखने का भी काम करता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये आपके फैटी लिवर को भी ठीक करने में मदद कर सकता है. अगर आप फैटी लिवर के लिए अंग्रेजी दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो आज से ही इस आयुर्वेदिक इलाज  की तरफ भी ध्यान दे लीजिए. आज हम आपको इस लेख में गन्ने के जूस के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आपको इस बीमारी से 99 प्रतिशत राहत मिलेगी.

कैसे करें गन्ने जूस का सेवन

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अगर आपको फैटी लिवर की परेशानी हो गई है तो फिर आप गन्ने का जूस बिल्कुल सादा पिएं, उसमें बर्फ डालकर ना पिएं.  वही जूस पिएं जो एक बार की पिराई में निकले हों. क्या होता है कि बाजार में गन्ने का जूस निकालने के लिए गन्ने को 3 से 4 बार मशीन में डालकर क्रश करते हैं. जिससे उनके पोषक तत्व अच्छे से नहीं मिल पाते हैं. इसलिए एक बार का क्रश किया हुआ गन्ने का जूस ही पिएं. इससे आप एक महीने के अंदर फैटी लिवर से छुटकारा पा जाएंगे. इसके अलावा आप लीवर फैटी है तो तोरी के सेवन से बहुत फायदा होगा. यह लीवर के टॉक्सिन को बाहर निकालने का काम करता है. आप इसकी सब्जी या फिर जूस बनाकर पी सकते हैं.

योगासन फैटी लिवर के लिए

पाद प्रसार पश्चिमोत्तानासन | Back stretch with legs apart

पैरों को जितना संभव हो उतना फैलाकर बैठें. फिर अपनी उंगली को इंटरलॉक करें और बाजुओं को अपनी पीठ के पीछे रखें. शरीर को शिथिल करें. गहरी सांस लें और जैसे ही आप सांस छोड़ें, आगे की ओर झुकें, अपने सिर को दाहिने घुटने की ओर ले जाएं. इसे अपने माथे से छूने की कोशिश करें, अपने इंटरलॉक किए हुए हाथों को पीछे की ओर उठाएं. अब सांस लेते हुए सामान्य स्थिति में लौट आएं. ऐसा ही बायीं ओर भी करें. इसे भी पांच सेट में करें.

अर्ध मत्स्येंद्र आसन | Ardha Matsyendra Asana

दोनों पैरों को फैलाकर बैठ जाएं और हाथों को शरीर के पास रखें. बाएं पैर को दाएं पैर के ऊपर से क्रॉस करें और दाएं घुटने के बगल में चटाई पर सपाट रखें. अपने शरीर को आराम दें और गहरी सांस लें. जैसे ही आप सांस छोड़ते हैं, दोनों हाथों को अपने कूल्हों के बगल में अपने शरीर के दाहिनी ओर सपाट रखें. सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में वापस आ जाएं. यही क्रिया बाईं ओर दोहराएं.

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