
दुर्ग : दुर्ग की एक महिला वकील से खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर 41 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. आरोपियों ने दिल्ली में फर्जी बैंक खाता खोलने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में कार्रवाई की धमकी देकर यह रकम ऐंठी.
मिली जानकारी के मुताबिक एलआईजी 512, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, बघेरा निवासी अधिवक्ता फरिहा अमीन कुरैशी दुर्ग जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करती हैं. 21 जनवरी 2025 को सुबह 10:35 बजे उनके मोबाइल पर एक वीडियो कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई दिल्ली का अधिकारी बताया और कहा कि उनका नाम एक मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग तस्करी मामले में जुड़ा है.
आरोपियों ने बताया कि संदीप कुमार नामक व्यक्ति से 180 बैंक खाते बरामद हुए हैं. जिनमें से एक खाता फरिहा अमीन कुरैशी के नाम पर भी है. आरोपियों ने दावा किया कि यह खाता 18 दिसंबर 2024 को एचडीएफसी बैंक, दिल्ली में खोला गया था और इसमें 8.7 करोड़ रुपये जमा हैं. उन्होंने धमकी दी कि यह खाता गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है और जांच एजेंसियां जल्द ही कार्रवाई करेंगी.
डर और दहशत की वजह से महिला वकील ने आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में अलग-अलग किश्तों में 41 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिया. जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने दुर्ग कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई.
दुर्ग पुलिस ने आरोपियों दीपक और सुनील कुमार गौतम (निवासी नई दिल्ली) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
पुलिस ने संदीप कुमार नाम के आरोपी को मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग ट्रैफिकिंग और आइडेंटिटी थेफ्ट केस में गिरफ्तार किया है. संदीप के कब्जे से 180 संदिग्ध बैंक खाते मिले हैं. इन खातों में से एक फरीहा अमीन कुरैशी के नाम पर है. वह खाता एचडीएफसी बैंक दिल्ली में 18 दिसंबर 2024 को खोला गया था और उस खाते में करीब 8.7 करोड़ रुपए जमा थे.
संदीप ने पूछताछ में यह बताया है कि सभी खाताधारकों को 10% राशि देने की शर्त पर वो व्यक्तिगत रूप से वहां आए और दिल्ली में खाता खुलवाएं. इस तरह उन्होंने महिला वकील को डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और उसकी पूरी संपत्ति और जमापूंजी की डिटेल लेकर अपने खाते में 41 लाख रुपए ट्रांसफर लिया.
महिला ने बताया कि उसकी बात जिस सुनील कुमार गौतम से हुई उसने खुद को आईपीएस और दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया था. उसने जो दस्तावेज भेजे और दिखाए उस पर भारत सरकार का तीन शेर वाला यानी अशोक स्तंभ का निशान था. नीली स्याही में सील लगी थी. इससे उसे यकीन हो गया था कि वो लोग दिल्ली पुलिस और सीबीआई से ही हैं. महिला ने मामले की शिकायत दुर्ग कोतवाली थाने में की है.
रहे सावधान: पुलिस अधिकारी ने महिला वकील से फोन पर उसके आधार कार्ड का नंबर, फोन नंबर, जन्म दिनांक सहित अन्य व्यक्तिगत जानकारी मांगी. उसके बाद कहा यही पूरी जानकारी जब्त किए गए खाते से उन्हें मिली हैं. इसके बाद उन्होंने महिला वकील को दिल्ली बयान देने के लिए बुलाया और गिरफ्तारी की धमकी देकर डराया.
महिला वकील को गिरफ्तारी की दी धमकी: कॉलर से जब महिला वकील ने दिल्ली आने में असमर्थता जताई तो उसने उनकी तत्काल गिरफ्तार करने की धमकी दी. जब महिला वकील ने रिक्वेस्ट किया तो कॉलर ने उसकी एक पुलिस अधिकारी से बात कराई. जिसका नाम आईपीएस सुनील कुमार गौतम था. गौतम ने फोन पर महिला का पूरा बयान लिया और उसके नाम पर जमा चल अचल संपत्ति का विवरण मांगा.


