
गरियाबंद/कोपरा : बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में कोपरा गौशाला में 2 महीने में भूख-प्यास से 19 गायों की मौत हो गई. कुछ तो कंकाल में तब्दील हो गई. मृत गायों को पैरी नदी के किनारे फेंक दिया गया. बदबू फैलने के बाद इसका खुलासा हुआ. जांच में पता चला कि चरवाहों और केयर टेकर को पिछले दो महीने से सैलरी नहीं मिली है. इस वजह से गौवंश की देखभाल नहीं हो पाई.
CMO नगर पंचायत कोपरा ने 9 मार्च 2025 को थाना पांडुका में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 2 फरवरी से 7 मार्च 2025 के बीच कुल 19 मवेशियों की मौत हुई. इन मवेशियों की देखभाल और भोजन की जिम्मेदारी संस्था के अध्यक्ष व संयोजक की थी. लेकिन उनकी लापरवाही की वजह से इनकी असमय मौत हो गई.
गरियाबंद। थाना पांडुका क्षेत्र में 19 मवेशियों की मौत के मामले में पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम 1960 एवं BNS की धाराओं के तहत कार्रवाई की है. नगर पंचायत कोपरा के CMO की शिकायत पर शिवबाबा कोपेश्वर नाथ संस्था के अध्यक्ष मनोज कुमार साहू और देखरेखकर्ता (संयोजक) हलधरनाथ गोस्वामी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
स्थानीय लोगों की शिकायत पर राजिम एसडीएम विशाल महाराणा अपनी टीम के साथ जांच के लिए पहुंचे. पता चला कि गौशाला में मौजूद 150 मवेशी भी भूख से बेहाल थे. चारा-पानी नहीं मिलने की वजह से कई पशु तो खड़े होने की हालत में भी नहीं थे.
जिसके बाद प्रशासन ने बाकी सभी 150 मवेशियों को रेस्क्यू किया. जिला प्रशासन अब गौशाला का संचालन दूसरी संस्था को सौंपने की तैयारी कर रहा है. संचालक मनोज साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई भी शुरु कर दी गई है.
वहीं, स्थानीय लोगों ने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. गरियाबंद कलेक्टर ने घटना के बाद सीएमओ, संस्था प्रमुख और स्थानीय पशु चिकित्सा को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं. एसडीएम विशाल महाराणा ने इस पूरे मामले को लेकर संस्था प्रमुख को दस्तावेजों के साथ तलब किया है.
गायों की मौत की जानकारी विहिप कार्यकर्ता कुणाल साहू और अजय यादव को लगी. तो वे संगठन से बात कर निगरानी में लगे थे. उन्होंने बताया कि 6 साल पहले कोपरा के इस गौशाला का शुभारंभ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेश्वर पटेल ने किया था. लेकिन लापरवाही के चलते गौवंशों की मौत हो रही है.
बजरंग दल जिला संयोजक मोहित साहू और विहिप के डिगेश्वर वर्मा ने कहा कि गौशाला में पर्याप्त चारे का इन्तेजाम नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया है कि एक महीने के भीतर 45 से ज्यादा गौवंश की मौत हुई है. लेकिन उनका विधिवत अंतिम संस्कार भी नहीं किया गया. संचालक और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो. गौशाला संचालन के लिए नगर पंचायत को सौंप दिया जाए.
इस मामले में पुलिस ने विस्तृत जांच शुरु कर दी है. साथ ही आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पशु क्रूरता से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस तरह की लापरवाही पर कड़ी नजर रखी जाएगी.


