
रायपुर। रायपुर और कोरबा में लगातार चर्चा में बनी हुई महिला डीएसपी कल्पना वर्मा और होटल कारोबारी अंबेडकर उर्फ दीपक टंडन की भूमिका अब पूरे प्रदेश में सुर्खियों में है। दीपक टंडन पर लगातार नए आरोप सामने आ रहे हैं। दंतेवाड़ा में पदस्थ महिला अधिकारी DSP कल्पना वर्मा पर विवादित आरोप लगाकर चर्चा में आए दीपक टंडन के खिलाफ राजधानी रायपुर में भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र बेचने, कोयला आपूर्ति के नाम पर रकम वसूलने और फ्रॉड से जुड़े गंभीर मामले दर्ज हैं।
सबसे पहले बात 2018 की जाए, जब दीपक टंडन के खिलाफ सिविल लाइंस थाना में धारा 420 भादवि के तहत फ्रॉड का केस दर्ज हुआ। इस केस में आरोप लगाया गया कि दीपक टंडन ने व्यापम द्वारा आयोजित राजस्व निरीक्षक (नगर निगम) भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र परीक्षा के पूर्व उपलब्ध कराने का दावा करके उगाही की। बीरगांव निवासी जितेन्द्र देवांगन ने 15 अप्रैल 2018 को एफआईआर दर्ज कराई। एफआईआर में कहा गया कि दीपक टंडन ने 13 अप्रैल की रात को पीड़ित को फोन कर बताया कि उसके पास प्रश्नपत्र उपलब्ध है। उसने यह दावा किया कि यदि परिवार का कोई सदस्य परीक्षा दे रहा है तो उसकी मदद की जाएगी। इसके एवज में प्रति व्यक्ति तीन लाख रुपए मांगे गए थे, जिसमें एक लाख नकद और दो लाख रुपए का चेक जमा करना था।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि 14 अप्रैल को शंकरनगर चौक पर दीपक टंडन से मिलने पहुंचे, लेकिन उसे वांछित दस्तावेज और पेपर नहीं मिले। एक घंटे इंतजार करने के बाद भी टंडन नहीं आया और बार-बार फोन करने पर बहाने बनाता रहा। उस समय पीड़ित के पास केवल पांच हजार रुपए थे, जो उसने टंडन को दे दिए। बाद में यह पता चला कि दीपक टंडन ने अन्य कई लोगों से भी परीक्षा में पेपर और पास कराने के लिए पैसे लिए थे। पुलिस ने 17 अप्रैल 2018 को एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू की।
इसके बाद अप्रैल 2025 में DSP Kalpana Verma-Deepak Tondon केस ने एक नया मोड़ लिया। इस बार दीपक टंडन पर कोयला आपूर्ति के नाम पर 27 लाख रुपए वसूलने का आरोप लगा। कोरबा कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इसके अलावा, मार्च 2022 में एक और कोयला कारोबारी किशन शर्मा ने दीपक टंडन पर 15 लाख रुपए वसूलने और रकम वापस न करने का आरोप लगाया। किशन शर्मा ने आरोप लगाया कि टंडन ने शासन-प्रशासन में अपनी पकड़ दिखाने का हवाला देकर बड़ा टेंडर दिलाने का झांसा दिया और रकम लेने के लिए एचडीएफसी बैंक के दो चेक दिए, जबकि उस वक्त उनका बैंक खाता बंद हो चुका था।
दीपक टंडन का होटल व्यवसाय और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कथित बातचीत ने मामले को और जटिल बना दिया है। आरोप हैं कि उसने महिला DSP कल्पना वर्मा के परिवार के साथ बड़े पैमाने पर कारोबार किया और नकद 2 करोड़ रुपए, लाखों की ज्वेलरी और अन्य वस्तुएं लेकर विवादित लेन-देन किया। सोशल मीडिया पर आम लोग शासन-प्रशासन द्वारा संरक्षण मिलने की आशंका जता रहे हैं। सोशल मीडिया पर दीपक टंडन और उसकी पत्नी बरखा टंडन के बैंक खातों की जांच की भी मांग हो रही है। लोग आर्थिक ठगी और अवैध उगाही के आरोपों की सत्यता जांचने की मांग कर रहे हैं। वहीं महिला DSP ने मीडिया को अपने लिखित पक्ष में कहा कि परिवार और कारोबारी लेन-देन को लेकर विवाद हुआ है और दीपक टंडन द्वारा जारी कथित चैट फर्जी है।
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि दीपक टंडन के खिलाफ दर्ज मामले और आरोप गंभीर हैं। भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र बेचने, कोयला आपूर्ति और बड़े वित्तीय लेन-देन में धोखाधड़ी करने का आरोप उसके खिलाफ आपराधिक मामलों को जन्म दे सकता है। इससे पुलिस और न्यायालय की सक्रिय भूमिका आवश्यक हो जाती है। सोशल मीडिया और आम जनता की नजर में यह मामला केवल दो व्यक्तियों के बीच विवाद नहीं है, बल्कि इसमें शासन-प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
राजधानी रायपुर और कोरबा में फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सिविल लाइंस और कोरबा थाना प्रशासन ने कहा है कि सभी आरोपों की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं जनता की निगाह इस बात पर है कि DSP Kalpana Verma और दीपक टंडन के बीच विवाद में किसी प्रकार का राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण तो नहीं मिल रहा। मामले की गंभीरता और सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बीच यह स्पष्ट है कि दीपक टंडन के खिलाफ चल रहे फ्रॉड, अवैध उगाही और भर्ती परीक्षा से जुड़े आरोपों पर न्यायालय की कार्रवाई और पुलिस की सक्रिय जांच पर सभी की निगाह है।



